Highlights

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Dec 02

• शाश्वतधाम संस्था भगवान महावीर के शासन काल में केवली द्वारा कथित, कुन्दकुन्द आदि महान दिगम्बर आचार्यों द्वारा प्राप्त वीतरागता का पोषण करनेवाले और पूज्य गुरुदेवश्री द्वारा उद्घाटित जैन दर्शन के सिद्धांतों का प्रचार प्रसार करती है। • शाश्वतधाम संकुल में नव निर्मित श्री सीमंधर जिनालय में विराजमान होनेवाले जिन बिंबों का पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव दिनांक २ से ७ दिसम्बर २०१७ तक आयोजित किया गया है। • शाश्वतधाम संकुल के सीमंधर जिनालय में अध्यात्म तीर्थ सोनगढ की तरह ही मूल नायक सीमन्धर भगवान 51" तथा पद्मप्रभ, शान्तिनाथ की 41" की व द्वितीय तल पर गिरनार के पार्श्वभूमि पर नेमिनाथ भगवान की 101" की खड्गासन प्रतिमा विराजमान हो रही है। • मंदिरजी में 24 तीर्थंकरों के पाँच निर्वाण क्षेत्र तथा अध्यात्मतीर्थ सोनगढ के बहुत ही सुन्दर और कलात्मक चित्रपट विराजित हो रहे हैं। • संकुल में जिन मंदिर के सामने 51 फ़ीट ऊँचा बहुत ही मनोहारी मानस्तम्भ है जिसमें मूल नायक सीमंधर भगवान की आठ प्रतिमाएँ विराजमान हो रही हैं। • देश में पहली बार किसी भी संकुल में लाइट एंड साउंड के माध्यम से सीमन्धर देशना का निर्माण शाश्वतधाम संकुल में ही हो रहा है। जिसमें सीमन्धर भगवान का समवसरण, आचार्य कुन्दकुन्द व आचार्य अमृतचन्द्र तथा पूज्य गुरुदेवश्री की झाँकी का निर्माण हो रहा है। • शाश्वतधाम के जिनवाणी भवन में अपने जीवन काल में पूज्य गुरुदेवश्री द्वारा जिन ३७ शास्त्र / ग्रंथों पर प्रवचन दिए गए वे सभी शास्त्र / ग्रंथ जिनवाणी के रूप में विराजित हो रहे हैं। • जिनवाणी भवन में बारह भावनाओं पर आधारित चित्रपट भी प्रदर्शित हो रहे हैं। • शाश्वतधाम के श्री कुन्दकुन्द कहान स्वाध्याय भवन में आचार्य कुन्दकुन्द के साथ अमृतचन्द्र आचार्य, जयसेन आचार्य आदि ८ आचार्य तथा पूज्य गुरुदेवश्री के साथ टोडरमलजी, दौलतरामजी, श्रीमद् जी, सोगानीजी, बहनश्री आदि ८ ज्ञानीजनों के चित्र उनके शास्त्र / ग्रंथों के साथ विराजमान हो रहे हैं। • शाश्वतधाम संकुल में पूज्य गुरुदेवश्री का विशाल १६ फ़ीट ऊँचा देश का पहला glass tile mural स्थापित किया जा रहा है। • पूज्य गुरुदेवश्री ने हमें जो देह से भिन्न भगवान आत्मा का परिचय कराया, पर्याय से दृष्टि हटाकर आत्मद्रव्य में स्थापित की और हमारे लिए मोक्षमार्ग प्रशस्त किया उसके लिए हमारे हृदय में पूज्य गुरुदेवश्री के प्रति नितांत आदर, सम्मान तथा अहोभाव है। सभी साधर्मी जनों से हार्दिक आमंत्रण है, इस महा महोत्सव में, मुमुक्षु महा मिलन में अवश्य सम्मिलित होकर इस सुन्दर जिनालय के दर्शन करें और पंच कल्याणक की अनुभूति का आनंद लें।